menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सौप्तिक पर्व
अध्याय ६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
व्रुवतामप्रिय़ं पथ्यं सुहृदां न शृणोति यः |  १९   क
स शोचत्यापदं प्राप्य यथाहमतिवर्त्य तौ ||  १९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति