menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सौप्तिक पर्व
अध्याय ६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तां चापदं घोरतरां प्रवदन्ति मनीषिणः |  २४   क
यदुद्यम्य महत्कृत्यं भय़ादपि निवर्तते ||  २४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति