menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
स्त्री पर्व
अध्याय ६
chevron_left
chevron_right
विदुर उवाच
यत्तदुच्यति कान्तारं महत्संसार एव सः |  ५   क
वनं दुर्गं हि यत्त्वेतत्संसारगहनं हि तत् ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति