menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ६
chevron_left
chevron_right
विराट उवाच
ये त्वानुवादेय़ुरवृत्तिकर्शिता; व्रूय़ाश्च तेषां वचनेन मे सदा |  १५   क
दास्यामि सर्वं तदहं न संशय़ो; न ते भय़ं विद्यति संनिधौ मम ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति