menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
संहृत्य तु ततो द्रोणः समवस्थाप्य चाहवे |  ३९   क
स्वमनीकं महावाहुः पार्षतं समुपाद्रवत् ||  ३९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति