menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ६
chevron_left
chevron_right
शल्य उवाच
अद्यैवाहं रणे सर्वान्पाञ्चालान्सह पाण्डवैः |  ११   क
निहनिष्यामि राजेन्द्र स्वर्गं यास्यामि वा हतः ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति