आदि पर्व  अध्याय ६०

वैशम्पाय़न उवाच

ददौ स दश धर्माय़ सप्तविंशतिमिन्दवे |  १२   क
दिव्येन विधिना राजन्कश्यपाय़ त्रय़ोदश ||  १२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति