menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ६०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स भीमधन्वानमुदग्रवीर्यं; धनञ्जय़ं शत्रुगणे चरन्तम् |  २   क
आकर्णपूर्णाय़तचोदितेन; भल्लेन विव्याध ललाटमध्ये ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति