उद्योग पर्व  अध्याय ६०

वैशम्पाय़न उवाच

यदि ह्यग्निश्च वाय़ुश्च धर्म इन्द्रोऽश्विनावपि |  ६   क
कामय़ोगात्प्रवर्तेरन्न पार्था दुःखमाप्नुय़ुः ||  ६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति