menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ६१
chevron_left
chevron_right
दमय़न्त्यु उवाच
सा दृष्ट्वैवाश्रमपदं नानामृगनिषेवितम् |  ६१   क
शाखामृगगणैश्चैव तापसैश्च समन्वितम् ||  ६१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति