menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ६०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
वहुशो विदुरद्रोणकृपगाङ्गेय़सृञ्जय़ैः |  २०   क
पाण्डुभ्यः प्रोच्यमानोऽपि पित्र्यमंशं न दत्तवान् ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति