अनुशासन पर्व  अध्याय ६१

भीष्म उवाच

इत्येतां क्षत्रवन्धूनां वदन्ति परमाशिषम् |  ९   क
पुनाति दत्ता पृथिवी दातारमिति शुश्रुम ||  ९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति