menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १००
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
राजन्सेनासमुद्योगो रथनागाश्वपत्तिमान् |  ५   क
तुमुलस्तव सैन्यानां युगान्तसदृशोऽभवत् ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति