menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ६१
chevron_left
chevron_right
दमय़न्त्यु उवाच
खमुल्लिखद्भिरेतैर्हि त्वय़ा शृङ्गशतैर्नृपः |  ५०   क
कच्चिद्दृष्टोऽचलश्रेष्ठ वनेऽस्मिन्दारुणे नलः ||  ५०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति