भीष्म पर्व  अध्याय ६१

भीष्म उवाच

जय़ विश्व महादेव जय़ लोकहिते रत |  ४३   क
जय़ योगीश्वर विभो जय़ योगपरावर ||  ४३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति