भीष्म पर्व  अध्याय ६१

भीष्म उवाच

एवमादि मय़ा सृष्टं पृथिव्यां त्वत्प्रसादजम् |  ६०   क
पद्मनाभ विशालाक्ष कृष्ण दुःस्वप्ननाशन ||  ६०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति