menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ६१
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
नित्यप्रमुदितानां च तालगीतस्वनो महान् |  १७   क
नृत्यतां श्रूय़ते तात गणानां सोऽद्य न ध्वनिः ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति