menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ६१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततस्ते प्रय़युः सर्वे निवासाय़ महीक्षितः |  १   क
शङ्खान्प्रध्मापय़न्तो वै हृष्टाः परिघवाहवः ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति