आदि पर्व  अध्याय ६९

वैशम्पाय़न उवाच

तच्छ्रुत्वा पौरवो राजा व्याहृतं वै दिवौकसाम् |  ३४   क
पुरोहितममात्यांश्च सम्प्रहृष्टोऽव्रवीदिदम् ||  ३४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति