menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ६२
chevron_left
chevron_right
वृहदश्व उवाच
असङ्ख्येय़गुणो भर्ता मां च नित्यमनुव्रतः |  २७   क
भर्तारमपि तं वीरं छाय़ेवानपगा सदा ||  २७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति