menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ६२
chevron_left
chevron_right
वृहदश्व उवाच
तं दृष्ट्वा मृष्टसलिलं मनोहरसुखावहम् |  ४   क
सुपरिश्रान्तवाहास्ते निवेशाय़ मनो दधुः ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति