menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ६२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
गतेषु च प्रभग्नेषु धार्तराष्ट्रेषु सर्वशः |  २   क
वनान्निष्क्रम्य गहनाद्वहवः कुरुसैनिकाः ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति