menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १०५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तेन ते निर्जिताः सर्वे पृथिव्यां सर्वपार्थिवाः |  १५   क
तमेकं मेनिरे शूरं देवेष्विव पुरन्दरम् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति