भीष्म पर्व  अध्याय ६२

भीष्म उवाच

सङ्ग्रामे निहता ये ते दैत्यदानवराक्षसाः |  ९   क
त इमे नृषु सम्भूता घोररूपा महावलाः ||  ९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति