menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४२
chevron_left
chevron_right
सूत उवाच
नानाभावास्तथैकत्वं शरीरं प्राप्य संहताः |  ९   क
भवन्ति ते तथा नित्याः पृथग्भावं विजानताम् ||  ९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति