menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ६२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
कुणिन्दपुत्रप्रहितोऽपरद्विपः; शुकं ससूताश्वरथं व्यपोथय़त् |  ४६   क
ततोऽपतत्क्राथशराभिदारितः; सहेश्वरो वज्रहतो यथा गिरिः ||  ४६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति