menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ६२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततः किरीटी रणमूर्ध्नि कोपा; त्कृत्वा त्रिशाखां भ्रुकुटिं ललाटे |  ५९   क
मुमोच वाणान्विशिखान्महात्मा; वधाय़ राजन्सूतपुत्रस्य सङ्ख्ये ||  ५९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति