menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ६२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
आधिभिर्दह्यमानाय़ा मतिः सञ्चलिता मम |  ६२   क
सा मे व्यवस्थिता श्रुत्वा तव वाक्यं जनार्दन ||  ६२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति