आदि पर्व  अध्याय ६३

वैशम्पाय़न उवाच

सुपर्णप्रतिमेनाथ रथेन वसुधाधिपः |  ११   क
महीमापूरय़ामास घोषेण त्रिदिवं तथा ||  ११   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति