द्रोण पर्व  अध्याय १०४

धृतराष्ट्र उवाच

काल्यमानान्हि मे पुत्रान्भीमेनावेक्ष्य संय़ुगे |  ७   क
कालेनेव प्रजाः सर्वाः के भीमं पर्यवारय़न् ||  ७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति