menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततो निशा सा व्यगमन्महात्मनां; संशृण्वतां विप्रसमीरिता गिरः |  १७   क
ततः प्रभाते विमले द्विजर्षभा; वचोऽव्रुवन्धर्मसुतं नराधिपम् ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति