menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय २२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तथा शल्यसमो नास्ति हय़याने ह कश्चन |  ५६   क
सोऽय़मभ्यधिकः पार्थाद्भविष्यति रथो मम ||  ५६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति