menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ६३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तत्रस्थं त्वां न संसोढुं शक्ता देवाः सवासवाः |  १५   क
किं पुनः पाण्डवाः सर्वे समाश्वसिहि सैन्धव ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति