शान्ति पर्व  अध्याय ६४

भीष्म उवाच

दर्शय़ामास तं विष्णू रूपमास्थाय़ वासवम् |  १३   क
स पार्थिवैर्वृतः सद्भिरर्चय़ामास तं प्रभुम् ||  १३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति