menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ६४
chevron_left
chevron_right
इन्द्र उवाच
नासौ देवो विश्वरूपो मय़ापि; शक्यो द्रष्टुं व्रह्मणा वापि साक्षात् |  १६   क
येऽन्ये कामास्तव राजन्हृदिस्था; दास्यामि तांस्त्वं हि मर्त्येषु राजा ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति