menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ६४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सोऽग्रानीकस्य महत इषुपाते धनञ्जय़ः |  १९   क
व्यवस्थाप्य रथं सज्जं शङ्खं दध्मौ प्रतापवान् ||  १९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति