menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ६४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
मा भवन्तोऽनुतप्यन्तां सौहृदान्निधनेन मे |  २७   क
यदि वेदाः प्रमाणं वो जिता लोका मय़ाक्षय़ाः ||  २७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति