menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ६५
chevron_left
chevron_right
इन्द्र उवाच
सामान्यार्थे व्यवहारे प्रवृत्ते; प्रिय़ाप्रिय़े वर्जय़न्नेव यत्नात् |  ५   क
चातुर्वर्ण्यस्थापनात्पालनाच्च; तैस्तैर्योगैर्निय़मैरौरसैश्च ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति