menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ११२
chevron_left
chevron_right
वृहस्पतिरु उवाच
उपाध्याय़स्य यः पापं शिष्यः कुर्यादवुद्धिमान् |  ४५   क
स जीव इह संसारांस्त्रीनाप्नोति न संशय़ः ||  ४५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति