menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
हृष्टानां सिंहनादेन जनानां तत्र निस्वनः |  १०   क
आविश्य प्रदिशः सर्वाः पुनरेव व्युपारमत् ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति