menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ५३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
जाम्वूनदमय़ैः पुङ्खैश्चित्रचापवरातिगैः |  ३५   क
प्राच्छादय़दमेय़ात्मा दिशः सूर्यस्य च प्रभाम् ||  ३५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति