menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ७४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अथान्ये धनुषी राजन्प्रगृह्य समरे तदा |  २२   क
पाण्डवं भृशसङ्क्रुद्धावर्दय़ामासतुः शरैः ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति