menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ६५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स पार्थवाणासनवेगनुन्नै; र्दृढाहतः पत्रिभिरुग्रवेगैः |  ३६   क
विभिन्नगात्रः क्षतजोक्षिताङ्गः; कर्णो वभौ रुद्र इवाततेषुः ||  ३६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति