menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ६५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
प्रभूतपद्मोत्पलमत्स्यकच्छपौ; महाह्रदौ पक्षिगणानुनादितौ |  ६   क
सुसंनिकृष्टावनिलोद्धतौ यथा; तथा रथौ तौ ध्वजिनौ समीय़तुः ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति