menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ६८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अथ तां पतितां दृष्ट्वा गृह्यान्यां महतीं गदाम् |  ६३   क
अर्जुनं वासुदेवं च पुनः पुनरताडय़त् ||  ६३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति