menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १५०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
चमूं विगाह्य शत्रूणां शरशक्तिसमाकुलाम् |  १४   क
यदा सिंहरवं वीर करिष्यसि महावल |  १४   ख
तदाहं वृंहय़िष्यामि स्वरवेण रवं तव ||  १४   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति