menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ५६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
छत्रं जाम्वूनदैर्जालैरर्कज्वलनसंनिभैः |  ३४   क
विश्वकर्मकृतैर्दिव्यैरश्वानपि च भूषितान् ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति