menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ६६
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
अय़ं स द्विषतां मध्ये मृगाणामिव केसरी |  १२   क
अचरद्रथवृन्देषु निघ्नंस्तेषां वरान्वरान् ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति