menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ५०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
साद्य संय़मनी नूनं सदा सुकृतिनां गतिः |  ४२   क
स्वभाभिर्भासिता रम्या त्वय़ात्यर्थं विराजते ||  ४२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति