menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ६६
chevron_left
chevron_right
कृष्ण उवाच
विसृजास्त्रं परं पार्थ राधेय़ो ग्रसते शरान् |  ५२   क
व्रह्मास्त्रमर्जुनश्चापि संमन्त्र्याथ प्रय़ोजय़त् ||  ५२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति